॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥ • शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
🧭॥ कालोऽस्मि लोकक्षयकृत्प्रवृद्धो ॥ • महर्षि पराशर प्रणीत काल गणना

पाराशर ज्योतिष एवं दैनिक शुभ मुहूर्त गाइड (Parashara's Light)

सनातन वैदिक काल गणना के आदि प्रणेता महर्षि पराशर द्वारा रचित बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (Brihat Parashara Hora Shastra) पर आधारित चौघड़िया, राहुकाल एवं पूजा-आरती के लिए सटीक शुभ मुहूर्त का प्रामाणिक दिग्दर्शन।

✓ बृहत्पाराशर होरा शास्त्र सिद्धांत✓ Parashara's Light सॉफ्टवेयर ओवरव्यू✓ 7 चौघड़िया मुहूर्त वर्गीकरण✓ पूजा व आरती का सटीक समय
वैदिक ज्योतिष एवं मुहूर्त • Parashara Vedic Jyotish

पाराशर ज्योतिष एवं दैनिक शुभ मुहूर्त (Parashara's Light Guide)

महर्षि पराशर विरचित बृहत्पाराशर होराशास्त्र, दैनिक चौघड़िया एवं पूजा-कथा का सटीक शुभ मुहूर्त।

पाराशर ज्योतिष एवं Parashara's Light क्या है? महर्षि पराशर भारतीय वैदिक ज्योतिष के आदि प्रणेता हैं, जिनका ग्रंथ "बृहत्पाराशर होरा शास्त्र" (Brihat Parashara Hora Shastra) सनातन पंचांग और काल गणना का आधार है। विश्व प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर Parashara's Light इसी प्रामाणिक वैदिक पद्धति पर आधारित होकर कुंडली निर्माण, ग्रह दशा, गोचर, तथा पूजा, आरती व व्रत कथाओं के लिए सटीक शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) निकालने के लिए ज्योतिषाचार्यों द्वारा उपयोग किया जाता है।

* हमारी वेबसाइट पर आप बिना किसी सॉफ्टवेयर डाउनलोड के नित्य आरती, चौघड़िया मुहूर्त और पूजा का समय सीधे देख सकते हैं।

दैनिक चौघड़िया मुहूर्त वर्गीकरण (Pooja Choghadiya Guidelines):

अमृत (Amrit)

सर्वोत्तम

सभी प्रकार के धार्मिक कार्य, पूजा, आरती और व्रत कथा के लिए अत्यंत शुभ

शुभ (Shubh)

उत्तम

नवीन कार्य शुभारंभ, विवाह, गृह प्रवेश एवं देव प्रतिष्ठा

लाभ (Labh)

लाभप्रद

व्यापारिक पूजा, धन प्राप्ति अनुष्ठान एवं श्रीयंत्र पूजन

चर (Char)

सामान्य

यात्रा, वाहन पूजन एवं गतिमान कार्य

उद्वेग (Udveg)

अशुभ

सूर्य का प्रभाव, धार्मिक अनुष्ठान वर्जित

काल (Kaal)

अशुभ

शनि का प्रभाव, संकट कारक, पूजा आरंभ न करें

रोग (Rog)

अशुभ

मंगल का प्रभाव, व्याधि कारक, शुभ कार्य वर्जित

पाराशर पंचांग अनुसार पूजा के 3 स्वर्णिम नियम:

१.अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat): प्रतिदिन दोपहर लगभग 11:45 से 12:35 बजे का समय भगवान विष्णु और प्रभु श्री राम का परम प्रिय मुहूर्त होता है, जिसमें कोई भी पूजा अथवा कथा तुरंत फलदायी होती है।
२.राहुकाल परिहार (Avoid Rahu Kaal): प्रतिदिन डेढ़ घंटे का समय राहुकाल होता है। राहुकाल में कभी भी नवीन व्रत या पूजा आरंभ नहीं करनी चाहिए (यद्यपि नित्य पूजा व आरती किसी भी समय की जा सकती है)।
३.प्रदोष काल (Pradosh Kaal): सूर्यास्त से 48 मिनट पूर्व और 48 मिनट पश्चात का समय भगवान शिव और माता महालक्ष्मी की आरती व पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

⏰नित्य जीवन के 4 प्रमुख वैदिक मुहूर्त (Auspicious Timings)

जब भी आप घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान, सत्यनारायण कथा, रुद्राभिषेक अथवा आरती करते हैं, इन 4 कालों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है:

अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat)

दोपहर लगभग 11:45 से 12:35 तक

दिन का सर्वाधिक शुभ मुहूर्त, जो सभी प्रकार के दोषों का नाश करता है। किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ।

ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat)

सूर्योदय से 1 घंटा 36 मिनट पूर्व (लगभग 4:00 से 5:30 AM)

ईश्वर ध्यान, मंत्र जप, गायत्री उपासना एवं प्राणायाम के लिए सर्वोत्तम काल।

गोधूलि वेला (Godhuli Bela)

सूर्यास्त के ठीक 24 मिनट पहले और बाद का समय

संध्या आरती, घर में दीपक प्रज्वलन और भगवान लक्ष्मी-नारायण के पूजन का पावन समय।

राहुकाल (Rahu Kaal - वर्जित काल)

प्रत्येक दिन लगभग 90 मिनट (सप्ताह के वार अनुसार भिन्न)

राहु का प्रभाव होने के कारण इस समय नया कार्य या अनुष्ठान प्रारंभ नहीं किया जाता।

💻Parashara's Light सॉफ्टवेयर एवं वैदिक ज्योतिष का संबंध

अनेक साधक और ज्योतिष जिज्ञासु Parashara's Light Download के विषय में खोज करते हैं। Parashara's Light विश्व स्तर पर ज्योतिषाचार्यों और पंचांग निर्माताओं द्वारा उपयोग किया जाने वाला प्रमुख वैदिक कुंडली सॉफ्टवेयर है।

यह सॉफ्टवेयर महर्षि पराशर द्वारा प्रतिपादित विंशोत्तरी दशा, अष्टकवर्ग, सुदर्शन चक्र, नवमांश और षोडशवर्ग चक्रों की सूक्ष्म गणितीय गणना करता है।

💡 स्मरण रहे: घर में नित्य आरती, दैनिक पूजा और पावन व्रत कथा करने के लिए किसी भारी सॉफ्टवेयर की आवश्यकता नहीं है। हमारे इस ऑनलाइन मंदिर पोर्टल पर समस्त शास्त्रीय जानकारियां, वार-अनुसार पूजा नियम और सरल विधियां पूर्णतः निःशुल्क और सुलभ हैं।