॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥ • शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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आरती संग्रह • Aarti Sangrahपूर्णिमा एवं गुरुवार

भगवान श्री सत्यनारायण जी की आरती

"जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥"

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सजीव दर्शन 🛕

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।

सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥

रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे।

नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजे॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥

प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दरश दियो।

बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥

दुर्बल भील कठौती, काष्ठ धारि आयो।

कथा श्रवण कर उसने, परम धाम पायो॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥

साधु बनिक विस्मय कर, सन्तति सुख पायो।

सत्यनारायण कृपा से, सब संताप नशायो॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥

भाव-भक्ति से जो जन, आरति नित गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा...॥