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आरती की थाली घुमाएं, मंदिर की घंटी व शंख बजाएं और पुष्प वर्षा करें।
विद्या दायिनी माँ सरस्वती की आरती
"जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥"
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
देवदनुज सुभपूजित, पद मुनिजन सेवी।
ऋद्धि-सिद्धि की दाता, वीणा वादिनी देवी॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
अंधकार सब हरो मैया, ज्ञान प्रकाश भरो।
जग हितकारी माता, निज दासन तारो॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
विद्या दान हमहुं दो, ज्ञान-विवेक बढ़ाओ।
सच्चिदानंद पद मैया, हमको सहज दिलाओ॥ ॐ जय सरस्वती माता...॥
