॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥ • शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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आरती की थाली घुमाएं, मंदिर की घंटी व शंख बजाएं और पुष्प वर्षा करें।

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आरती संग्रह • Aarti Sangrahशनिवार, मंगलवार एवं अमावस्या

महाकाली माँ की आरती

"मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥"

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सजीव दर्शन 🛕

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े।

पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥

सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, संतन के भंडार भरे।

संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याणी करे॥

खड़ग खप्पर त्रिशूल विराजे, दुष्ट दलन माँ आप करे।

रक्तबीज महिषासुर मारे, असुर संहारक रूप धरे॥

सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, संतन के भंडार भरे।

जो नर गावे आरती माँ की, ताके सकल मनोरथ पूर्ण करे॥