॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥ • शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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आरती की थाली घुमाएं, मंदिर की घंटी व शंख बजाएं और पुष्प वर्षा करें।

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आरती संग्रह • Aarti Sangrahगंगा दशहरा एवं पूर्णिमा

मोक्षदायिनी माँ गंगा की आरती

"ॐ जय गङ्गे माता, श्री जय गङ्गे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥"

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सजीव दर्शन 🛕

ॐ जय गङ्गे माता, श्री जय गङ्गे माता।

जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गङ्गे माता...॥

चन्द्र सी जोत तुम्हारी, जल निर्मल आता।

शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता॥ ॐ जय गङ्गे माता...॥

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता।

कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता॥ ॐ जय गङ्गे माता...॥

एक ही बार जो कोई, स्नान करे तेरा।

यम की त्रास मिटावे, नरक निवारण तेरा॥ ॐ जय गङ्गे माता...॥

आरती मात तुम्हारी, जो कोई नर गावे।

सकल मनोरथ पावे, शिव लोकहि जावे॥ ॐ जय गङ्गे माता...॥